वह दोस्तों के साथ बिताया बचपन भी कितना प्यारा था
की अजनबी लोग भी अपनों से ज्यादा प्यारे हो सकते हैं!!
दोस्ती हमारी तो खुद ही एक बड़ी शहज़ादी है।
“दोस्ती में ना कोई फ़ासला, ना कोई दूरी का ग़म।”
भरोसा करके टूट जाना ही दोस्ती का अंत नहीं होता,
हमारी दोस्ती की मिसाल तो हर किसी को चाहिए,
कभी ना टूटे, हमेशा साथ रहे और बिना शर्त निभाए।
वो मुस्कान भी अब हमारे लिए बस दर्द सा लगता है।
“जब सब साथ छोड़ दें, दोस्ती हाथ थाम लेती है।”
तो क्या हमारी दोस्ती वैसे ही कायम Dosti Shayari रहती?
तेरी दोस्ती से ज्यादा सुकून कहीं नहीं,
वो वक्त नहीं, वो दोस्ती की घड़ी होती है।
“दिल में तेरा नाम लिखा है, यही तो दोस्ती की असली दवा है।”
दोस्ती में सिर्फ मोहब्बत देखी जाती है।